पीएम के डिग्री विवाद में नाम घसीटे जाने से परेशान हैं अलवर के नरेंद्र मोदी

राजेंद्र शर्मा, अलवर
कुछ वक्त पहले तक अलवर के कारोबारी नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री के नाम को साझा करने को अपना सौभाग्य मानते थे और लोगों का उनकी ओर आकर्षण उन्हें पसंद था। यहां तक कि वह खुद कहते थे कि यह उनका भाग्य ही है कि वह देश के सबसे ताकतवर शख्स के नाम को साझा कर रहे हैं।

लेकिन दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की ओर से उनका नाम पीएम नरेंद्र मोदी की डिग्री के मामले में खींचे जाने के बाद से वह परेशान हैं। केजरीवाल ने अलवर के बिजनसमैन नरेंद्र महावीर प्रसाद मोदी का नाम लेते हुए कहा था कि पीएम मोदी ने नहीं बल्कि उन्होंने 1978 में दिल्ली विश्वविद्यालय से बीए की डिग्री ली थी।

अरविंद केजरीवाल द्वारा उनका नाम लिए जाने के बाद से अलवर वाले नरेंद्र मोदी का फोन बजता ही रहता है। नरेंद्र मोदी ने हमारे सहयोगी अखबार ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ को बताया, ‘इस विवाद में मेरे नाम को घसीटा जा रहा है। इसकी वजह से मेरा वक्त अपने कारोबार और बिजनस मीटिंग्स की बजाय रिपोर्टर्स के फोन कॉल अटेंड करने में खर्च हो रहा है। मेरा समय पत्रकारों को जवाब देने में ही जा रहा है।’
उन्होंने कहा कि यह चोट पहुंचाता है, जब आप की मंजूरी लिए बिना ही आपके नाम का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने 1978 में डीयू से बीए की डिग्री ली थी।

लेकिन अलवर के नरेंद्र मोदी की डिग्री पीएम मोदी की डिग्री से थोड़ी अलग है। अलवर वाले मोदी ने बी.कॉम. में बैचलर की डिग्री हासिल की थी, उनकी डिग्री पर नरेंद्र कुमार मोदी नाम लिखा है। जबकि पीएम मोदी ने ‘बैचलर ऑफ आर्ट्स’ की डिग्री ली थी, जिसमें नरेंद्र दामोदरदास मोदी नाम लिखा है।

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