1500 करोड़ तक पहुंचा सिंडीकेट बैंक घोटाला

जयपुर,जागरण संवाददाता। सिंडीकेट बैंक घोटाला अब 1500 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। घोटाला जितना बड़ा है, उससे कहीं अधिक चौंकाने वाला इसको अंजाम देने का तरीका है। घोटाले को बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों और लिपिकों ने व्यापारियों और उद्योगपतियों के साथ मिलकर अंजाम दिया।

जिन दस्तावेजों को लगाकर मूल खाता धारक ने बैंक में खाता खुलवाया, उसी का उपयोग नए फर्जी खाते खोलने में किया गया। बैंक कर्मचारियों ने व्यापारियों को मूल खाता धारकों के दस्तावेजों की फोटो प्रति उपलब्ध कराई और फिर खुद ही खाते खोलकर लोन दे दिए। सीबीआइ की अब तक की जांच में सामने आया है कि कुल 386 फर्जी खाते खोले गए।

हालांकि शुरुआती जांच में 126 खाते ही सामने आए हैं। इनमें 86 खाते जयपुर की मालवीय नगर, एमआइ रोड और शेष खाते उदयपुर की मधुवन शाखा के हैं। जांच में सामने आया है कि कई खातों से प्रति सप्ताह पांच से आठ करोड़ रुपये निकाले जाते थे। अब इन खातों में लेन-देन पर रोक लगा दी गई है।

सीबीआइ ने दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों, व्यापारियों के यहां पिछले तीन दिन में कई बार छापे मारे हैं। गुरुवार को भी जयपुर और उदयपुर में सीबीआइ की टीमें संबंधित लोगों से पूछताछ में जुटी रहीं। इस मामले के मुख्य आरोपियों में से एक उदयपुर के सीए भरत बम के परिवार सहित विदेश भागने की सूचना है।

जयपुर के मालवीय नगर पुलिस थाना अधिकारी अजय शर्मा ने बताया कि सीबीआइ को सभी तरह की जानकारी उपलब्ध कराई गई है। इनके खातों से फर्जी चेक, लेटर ऑफ क्रेडिट और एलआइसी पॉलिसी के माध्यम से पैसे निकाले गए। मामले को लेकर कई बार बैंक अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन किसी का मोबाइल बंद मिला तो किसी ने कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि घोटाला 1500 करोड़ तक पहुंच गया है।

इधर, बैंक के दिल्ली स्थित तत्कालीन महाप्रबंधक सतीश कुमार, जयपुर के तत्कालीन क्षेत्रीय उप महाप्रबंधक संजीव कुमार, एमआइ रोड स्थित शाखा के तत्कालीन मुख्य प्रबंधक देशराज मीणा और जयपुर की मालवीय नगर शाखा के तत्कालीन सहायक महाप्रबंधक आदर्श मनचंदा और उदयपुर के तत्कालीन सहायक महा प्रबंधक अवधेश तिवारी के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई है। इनके अलावा उदयपुर स्थित सीए भरत बम, पीयूष जैन, विनीत जैन तथा जयपुर के शंकर खंडेलवाल भी आरोपी हैं।