पिछड़ा वर्ग के लोगों की समस्याओं को अशोक वर्मा ने गम्भीरता से सुना

उत्तराखण्ड राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष अशोक वर्मा ने विकासखण्ड लक्सर क्षेत्र ग्राम दरगाहपुर में अन्य पिछड़ा वर्ग समुदाय के लोगों की समस्याओं को गम्भीरता से सुना। उन्होंने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग गैर राजनीतिक रूप से कार्य कर रहा है, राजनीति से प्रेरित होकर नहीं। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि अन्य पिछडा वर्ग के अंतर्गत आने वाली सभी जातियों कोे अधिक से अधिक अवसर मिलें जिससे वह अपना सर्वांगीण विकास कर सकें। दरगाहपुर पंचायत घर में आयोग की बैठक लेते हुए उन्होंने केन्द्रीय सरकार एवं केन्द्रीय केबिनेट तथा राष्ट्रीय पिछडा वर्ग आयोग द्वारा उत्तराखण्ड की राजभर एवं धीमान जाति को अन्य पिछडा वर्ग में शामिल किये जाने पर धन्यवाद दिया साथ ही राज्य सरकार द्वारा आयोग की संस्तुति पर अन्य पिछडा वर्ग प्रमाण पत्र की वैधता सीमा तीन वर्ष करने पर राज्य सरकार का आभार प्रकट किया।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा कक्षा एक से कक्षा नवीं तक के बच्चों को दिये जाने वाले वजीफे (जिनके लिए आय सीमा पूर्व में 12 हजार वार्षिक थी, अब बढ़ाकर 44 हजार 500 रूपये कर दी गयी है) के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि राज्य की 16 जातियों को केन्द्रीय सूची में पंक्तिबद्ध करने के लिए राष्ट्रीय आयोग को प्रस्ताव भेजा गया है, साथी राज्य के अनुवाल समुदाय, बिनहारी समुदाय, फिकवाल समुदाय तथा खागी समुदाय को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता हेतु राज्य आयोग द्वारा राष्ट्रीय पिछडा वर्ग आयोग को भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि आयोग द्वारा पूर्व में सरकार को प्रस्ताव भेजा गया था कि क्रीमीलेयर का मानक 06 लाख से बढ़ाकर 10 लाख कर दिया जाए तथा ओबीसी वर्ग की निर्धन कन्याओं के विवाह के अवसर पर अन्य वर्गों की तर्ज पर अनुदान राशि का प्रस्ताव भी बैठक में पास किया गया। साथ ही ओबीसी आरक्षण जोकि उत्तराखण्ड राज्य में अभी 14 प्रतिशत है, को बढ़ाने का प्रस्ताव भी दिया।

उन्होंने यह भी बताया कि लिपिकीय त्रुटि की वजह से कुछ जातियों का आयोग ने पूर्व  शासन को संशोधन करने हेतु प्रस्ताव भेजा था जिस पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है, ऐसी जातियों को परेशानी हो रही है। इसके लिए आयोग ने बैठक में अपनी संस्तुति करते हुए संस्मरण पत्र भेजने का प्रस्ताव दिया।

इस अवसर पर अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष शमीम अहमद, सदस्य शमीम अहमद, चन्द्रपाल सैनी, नितिन गोला, आरिफ अंसारी, शकील अहमद, वीरेन्द्र थापा, जनेश्वर प्रसाद, हरिचन्द कांबोज, देवी सिहं पंवार, शफीक अंसारी एडवोकेट सहित बडी संख्या में ग्रामीण  मौजूद रहे ।