कोशिश कर तू हल निकलेगा, मोटिवेशनल कविता

कोशिश कर तू हल निकलेगा आज नहीं तो कल निकलेगा।

चीर दे पत्थर का तू सीना रस्ता तेरा बन निकलेगा।

कोशिश कर तू हल निकलेगा।

होंगी मुश्किलें बंद रास्ते, चलना है तुझे अपने वास्ते।

जो रूके ना तू और देख मुश्किल झुके ना तू।

तो रुका तेरी किस्मत का सिक्का एक ना एक दिन चल निकलेगा।

कोशिश कर तू हल निकलेगा आज नहीं तो कल निकलेगा।

ठान ले गर तू सीने में तो हर मुश्किल का हल निकलेगा।

मिल जाएंगी तुझे मंजिल गर तू अकेला चल निकलेगा।

कोशिश कर तू हल निकलेगा आज नहीं तो कल निकलेगा।

हर पल तू चल चल तू हर पल, हर एक पल से संवरेगा कल।

संवरेगा कल सवेरा आएगा एक दिन आएगा सवेरे सपनों का।

सपने जिन पर है विश्वास तेरा विश्वास विजय में बदलेगा।

बदलाव से हर हल निकलेगा जब तू अकेला चल निकलेगा।

कोशिश कर तू हल निकलेगा आज नहीं तो कल निकलेगा।

होंगी मुश्किलें बहुत बड़ी, मंजिल भी होगी दूर खड़ी।

जो रूके ना तू यहां एक भी पल हर मुश्किल में मिल जाएंगे हल।

खुद को ना चलना चल-चल तुझ में है पल-पल सपनों का।

सपने जिन पर विश्वास तेरा विश्वास तेरा एहसास तेरा।

एहसासों में है आगाज तेरा आगाज में है आवाज तेरी।

आवाज को दबने ना देना यह दिल से निकली है तेरे।

दिल दूर तुझे ले जाएगा आज नहीं तो कल तेरा नंबर भी आएगा।

रुका तेरी किस्मत का सिक्का एक ना एक दिन चल निकलेगा।

कोशिश कर तू हल निकलेगा आज नहीं तो कल निकलेगा।

रास्ते में ऐसे मोड़ आएंगे दोस्त यार सब छोड़ जाएंगे।

कुछ अपने भी मुख मोड़ जाएंगे।

ना डरा जो तू हर मुश्किल से आंख मिलाकर लड़ा तू हर मुश्किल से।

फिर क्या बिसात मुश्किल की जब तू चल निकलेगा।

छोटी बड़ी मुसीबत सब का हल निकलेगा।

आज नहीं तो कल निकलेगा कोशिश कर तू हल निकलेगा।

साथ जो छूटा अपनों का है मुख जो रूठा अपनों का है।

संग वो तेरे हो जायेंगे तेरे भी वह दिन आएंगे सपने सब सच हो जाएंगे।

दूर अंधेरे खो जाएंगे सूरज तेरा जब निकलेगा।

कोशिश कर तू हल निकलेगा आज नहीं तो कल निकलेगा।

रास्ता तेरा बन निकलेगा कोशिश कर तू हल निकलेगा।