हथेली पर है अर्धचंद्र तो ऐसे खुलेगा भाग्य

कहा जाता है मनुष्य की किस्मत उसके हाथों में होती है ज्योतिष के अनुसार मनुष्य के हाथों में बनी जालरुपी रेखाओं में उसकी किस्मत छुपी होती है। लेकिन यह हर किसी की बात नहीं होती है कि इसका राज जान सके। क्योंकि हर एक रेखा की एक अलग कहानी होती है। इस आर्टिकल में जानेंगे कि हथेली में बने अर्ध चंद्र का कारण क्या होता है।

कैसे बनता है अर्धचंद्र

हाथों की छोटी उंगली से प्रारंभ होने वाली यह रेखा किसी भी व्यक्ति के जीवन के भविष्य का बयान करती है। लेकिन सबसे पहले इस बात को जानने के लिए दोनों हाथों को एक खास तरीके से जोड़ना होता है। जब आप दोनों हथेली को पास ले आएंगे तब देखेंगे की एक खास तरह का अर्धचंद्र बन रहा है। यह आवश्यक नहीं कि हर किसी के हाथ में यह अर्धचंद्र बनता ही हो। बहुत लोगों की आपस की हाथों की रेखाएं मिलती ही नहीं, हर एक रेखाओं की अपना ही मतलब होता है।

अर्धचंद्र का मतलब क्या होता है

अगर किसी के हाथों में अर्धचंद्र बनता है तो ऐसे लोग काफी अट्रैक्टिव स्वभाव के होते हैं। ज्यादातर लोग ऐसे लोगों के साथ सेटल हो जाते हैं जो उनके बचपन के दोस्त होते है।

किसी ऐसे व्यक्ति के साथ जो विदेश में रहता हो। ऐसे लोगों के बारे में यह भी कहा जाता है कि यह प्यार पाने में बहुत इच्छुक होते हैं लेकिन यह किसी भी बात का किसी के सामने प्रकट नहीं करते हैं। इनका दिमाग बहुत तेज चलता है। दुनिया की कोई भी मुसीबत इन के सामने बड़ी नहीं होती है। इनके पास हर एक समस्या का समाधान होता है। विषम हालातों में यह बेहतरीन नेतृत्व कर सकते हैं। ऐसे लोग बहुत ही गुणवान होते हैं।

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