आज की ये सुन्दर शायरी दोस्तों के नाम

धीरे धीरे उम्र कट जाती है जीवन यादों की पुस्तक बन जाती है।

किसी-किसी की याद बहुत तड़पाती है और कभी यादों के सहारे जिंदगी कट जाती है।

किनारे पे सागर के खजाने नहीं आते फिर जीवन में दोस्त पुराने नहीं आते।

जी लो इन पलों को हंस के दोस्तों के साथ, फिर लौट के दोस्ती के जमाने नहीं आते।

बच्चे वसीयत पूछते हैं, रिश्ते हैसियत पूछते हैं।

वह दोस्त ही हैं जो खैरियत पूछते हैं।

दोस्तों से रिश्ता रखा करो जनाब तबियत मस्त रहेगी।

यह वह हकीकत है जो अल्फाज से इलाज कर दिया करते हैं।

खींच कर उतार देते हैं उम्र की चादर।

यह कमबख्त दोस्त कभी बूढ़ा नहीं होने देते।

एक चाहत होती है दोस्तों के साथ जीने की।

वरना पता तो हमें भी है मरना अकेले ही है।

क्यों मुश्किलों में साथ देते हैं दोस्त, क्यों गम को बांट लेते हैं दोस्त।

ना रिश्ता खून का न रिवाज से बंधा है फिर भी जिंदगी भर साथ देते हैं दोस्त।

प्रेम से रहो दोस्तों जरा सी बात पे रूठा नहीं करते।

पत्ते वहीं सुंदर दिखते हैं जो शाख से टूटा नहीं करते।

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