अपनी बहन के विश्वास और अपनी मेहनत से ये क्रिकेटर कर रहा है आज करोड़ो दिलो पर राज

सभी लोग यही कहते है कि बिना मेहनत और लगन के कुछ नहीं मिलता। और यह बात एकदम सच भी है। आज हर वह इंसान जिसने अपनी ज़िन्दगी में आसमान की उंचाईयो को छू लिया है। उसके लिए उन्होंने किस कदर महनत की होगी आप सोच भी नहीं सकते हो।

और आज हम बात कर रहे है ऐसे ही एक भारतीय क्रिकेटर की जिसने अपनी मेहनत और लगन से कुछ कर गुजरने के जज़्बे से आज वह लाखों नहीं बल्कि करोड़ो दिलो पर राज कर रहा है।

जी हां आज हम बात कर रहे है। महेंद्र सिंह धोनी के साथ विपरीत परिस्थितियों में टीम इंडिया को जीत की और ले जाने वाले भुवनेश्वर कुमार की। जो आजकल अपने ज़ोहर व हुनर की वजह से सुर्खियों में छाए है टीम इंडिया के सुपरस्टार बॉलर भुबनेश्वर कुमार ने अपने करियर की पहली हाफ सेंचुरी मारते हुए Team India को जीताने में काफी अहम भूमिका निभाई है।

Bhubaneswar Kumar player

उत्तरप्रदेश के मेरठ में पैदा हुए भुवनेश्वर कुमार आज काफी ज़्यादा मुश्किलों का सामना करते हुए यहां तक पहुंचे है। भुबनेश्वर के पिता जी किरणपाल पुलिस में थे। बचपन से ही भुवनेश्वर को क्रिकेट में काफी Interest था।

उनके पिता जी की इतनी ज़्यादा सैलरी नहीं थी की वह घर खर्च उठाने के साथ-साथ भुबनेश्वर को Cricket academy भेज सके। घर की इन्ही सारी परेशानियों को देखते हुए भुवनेश्वर ने आर्मी में जाने का फैसला कर लिया था।

Bhubaneswar Kumar cricket player

लेकिन अपने भाई की क्रिकेट में इतनी ज़्यादा लगन को देखते हुए भुवनेश्वर की बहन रेखा ने अपने पिता से भुवनेश्वर का Cricket academy में एडमिशन कराने की बात की। और उसके बाद उनके पिता ने जैसे-तैसे पैसे जमा करके भुवनेश्वर का एडमिशन क्रिकेट अकादमी में कराया ही दिया।

भुवनेश्वर को क्रिकटर बनाने में उनकी बहन रेखा का बहुत बड़ा हाथ है। और वह रोज़ उन्हें अकादमी से लेने और छोड़ने के लिए जाया करती थी। क्योंकि अकादमी आठ किलोमीटर दूर थी। और भुवनेश्वर को रास्ता याद ही नहीं रहता था।

Bhubaneswar Kumar cricket player1

रेखा भुवनेश्वर की स्कूल टीचर से भी यही कहती थी की उस पर पढ़ाई का ज़्यादा प्रेशर न बनाया जाए और उसे खेलना दिया जाए।

रेखा अपने भाई भुवनेश्वर के लिए पैसे बचाया करती थी। ताकि उन् पैसो से वह भुवनेश्वर के लिए जूते और क्रिकेट का बाकि दूसरा सामान ला सके ताकि उनका भाई अच्छे से खेल सके।